सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

Azab Gazab लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एक ऐसा देश जहां चलती है राम नाम की मुद्रा...

भगवान राम का नाम भारत की सभ्यता में बसा है। यहां हर कोई राम राज्य की बात करता है और इसे बहुत बड़ा राजनीति का विषय भी बनाया गया है। यहां भारी तादाद में लोग भगवान राम को पूजते हैं और उनके दिलों में राम का नाम बसता है। वहीं भारत की मुद्रा में कई चीजों को जगह मिली महात्मा गांधी, अशोक स्तंभ लेकिन इस रेस में भगवान राम कहीं पीछे रह गए। लेकिन दुनिया में एक ऐसा भी देश है जहां राम नाम की मुद्रा चलाई जाती है। भारत में तो सिर्फ राम नाम की बात होती है लेकिन यूरोप के एक देश नीदरलैंड में राम नाम की मुद्रा चलायी जाती है। इस मुद्रा को साल 2002 में महर्षि महेश योगी की संस्था 'द ग्लोबल कंट्री ऑफ वर्ल्ड पीस' ने जारी किया था। यह संस्था दुनिया में शांति का प्रसार करती है। तीसरी दुनिया के देशों में कृषि प्रोजेक्ट के विकास और गरीबी को मिटाने के लिए राम नाम की मुद्रा छापी गई और 2003 में यूरोपीय और अमरिकी शहरों में इस मुद्रा का इस्तेमाल होने लगा। अमेरिका के आईओवा में महर्षि वेदिक सिटी में हेडक्वार्टर है। नीदरलैंड के 30 गावों और शहरों में यह नोट चलते हैं जिसे कानूनी रूप से उल्लंघन नहीं माना ज...

जब बच्चों को टीचर ने दिया सुसाइड नोट लिखने का होमवर्क..

 बच्चों को स्कूल से रोज कोई न कोई होमवर्क मिलता है। टीजर्स उन्हें कोई नया पाठ पढ़ाते हैं तो उसपर कोई ने कोई होमवर्क जरूर देते हैं। लेकिन लंदन के एक स्कूल टीजर ने अपने बच्चों को होमवर्क के रूप में सुसाइड नोट लिखने को दे दिया। इस बात का पता जब बच्चों के पैरेंट्स को हुआ तो उनकी तो आखें ही फटी रह गई। सारे बच्चों के पैरेंट्स ने स्कूल प्रशासन से इस बात की शिकायत की। जिसके जवाब में टीचर ने बताया कि यह शेक्सपियर की त्रासदी मैकबेथ पर एक मॉड्यूल का हिस्सा है। यह मामला लंदन के किडब्रुक के थॉमस टैलिस स्कूल का है जहां टीचर ने शेक्सपियर की एक मशहूर कहानी को पढ़ाने के बाद बच्चों से कहा वह होमवर्क में अपने पैरेंट्स को एक सुसाइड नोट लिखें। अभिवाक इस बात को जानकर काफी नाराज हो गए उन्होंने कहा चाहे कुछ भी हो यह अच्छी बात नहीं है बच्चों को इस तरह के काम देना संवेदनहीनता है।

क्या आपने दुनिया का सबसे लंबा पिज्जा देखा क्या...

पूर्वी लॉस एंजेलिस में दो किलोमीटर लंबा पिज्जा बनाया गया है। यह दुनिया का सबसे लंबा पिज्जा बताया गया है। इस पिज्जा ने इटली में बनाया गया पिज्जा का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कैलिफोर्निया के फोंटना के ऑटो कल्ब स्पीडवे में दर्जनों शेफ ने मिलकर कई लोगों के साथ इस विशालकाय पिज्जा को बनाया है। इस पिज्जा ने 1.93 किलोमीटर की लंबाई तक पहुंचते ही पिछले लंबे पिज्जे का रिकॉर्ड तोड़ दिया। गिनीज वर्ल्ड ऑफ रिकॉर्ड ने इस दुनिया का सबसे लंबा पिज्जा के रूप में प्रमाणित किया है। इस बनाने में करीब 4 किलोग्राम आटा, 1.5 किलोग्राम चीज, और 2.5 किलोग्राम साल्सा सॉस का इस्तेमाल किया गया। पिज्जा बनाने के लिए आठ घंटे तक बगैर रोके तीन औद्योगित अवन का प्रयोग किया गया। इस पिज्जा बनाने वाले में किसी का भी प्रवेश निषेध नहीं था इसे मानवता और मित्रता के उत्साह को बढ़ाने के लिए प्रचारित किया गया था। इससे मिलने वाले धन को फूंड बैंको और बेघर लोगों को दान किया जाएगा।

25 सालों से पत्ते खाकर भी जिंदा है यह शख्स...

दुनिया में काफी कुछ चीजें अजीब है। जिसे देखकर लोग आश्चर्यचकित हो जाते हैं। ऐसी ही आश्चर्यचकित बात हम आपको बताने जा रहे हैं। हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में एक ऐसा शख्स है जो पिछले 25 वर्षों से हरे पत्ते और लकड़ी खाकर जी रहा है। खबरों के अनुसार गरीबी के कारण हरी पत्ती खाने को बेबश यह इस शख्स की अब यह आदत बन गई है। पाकिस्तान के पंजाब के गुजरावाला जिले में रहने वाला शख्स जिसका नाम महमूद बताया जाता है। उसके पास पर्याप्त पैसे नहीं होने के कारण वह ऐसा करने को मजबूर है। खास बात यह है कि दो दशक से भी ज्यादा समय से यह शख्स पत्ते और लकड़ी खा रहा है। जिसके बावजूद भी वह कभी बिमार नहीं हुआ। 50 वर्षीय महमूद का कहना है कि उसके पास कोई साधन नहीं है एक वक्त की रोटी का जुगाड़ करना काफी चुनौती भरा है इसलिए मैने सड़कों पर भीख मांगने के बजाय पत्ते और लकड़ी खाकर गुजारा करना ज्यादा सही समझा। लेकिन अब थोड़े पैसे कमाने के बाद भी पत्ते खाना अब उसकी आदत बन गई है। उसे बरगद और शीशम के पत्ते ज्यादा पसंद हैं।

भारत के पहाड़ियों में एक ऐसा कैफे जहां कैदी परोसते हैं पिज्जा...

  जेल के कैदी अगर जेल से बाहर हो तो यह सुनते ही आसपास के लोग सकते में रह जाते हैं , और आपको यह पता चले की जेल के कैदी रेस्तरां में पिज्जा परोसते हैं तो यह सुनकर आप भी चकित रह जाएंगे। आपने फिल्म कर्मा तो देखी ही होगी। जिसमें कैंदियों को सुधारा जाता है। ऐसा ही काम शिमला में किया जा रहा है। जहां कैदी एक रेस्तरां में पिज्जा परोसने का काम कर रहे हैं। जहां एक होटल ने कैदियों को प्रशिक्षित किया है। शिमला में बुक कैफे नाम के एक रेस्तरां है यह करीब 20 लाख रूपये की लागत से बनाया गया है। जिसमें 40 लोगों के बैठने की जगह है। इस रेस्तरां का उद्घाटन सीएम वीरभद्र सिंह ने पिछले साल किया था। यह रेस्तरां जाखू मंदिर के रास्ते में एक रिज के ऊपर स्थित है। जेल के महानिदेशक सोमेश गोयल ने बताया कि कैफे को चार कैदी जयचंद , रामलाल , राजकुमार और योगराज नाम के चार कैदी संचालित करते हैं। यह कैदी शिमला के कायथू जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। यह काम उन्हें पुनर्वास का प्रयास है। यह कैफे अपनी ही तरह का पहला कैफे है जिसके संचालन के लिए वित्तय भार राज्य का पर्यटन विभाग कर रहा है। य...

चार बहूंओं का कारनामा, खोद डाला कुंआ...

कहते हैं जहां चाह हो वहां राह जरूर होती है बिहार के दशरथ मांझी ने जैसे अपनी पत्नी के लिए पहाड़ को चीरकर रास्ता बना दिया था। अब ऐसा ही कुछ उदयपुर के एक गांव में हुआ है। यहां एक परिवार की चार बहुओं ने पानी की समस्या को खत्म करने के लिए 40 फीट गहरा और 20 फीट चौड़ा कुआं खोद दिया। सबसे बड़ी बात यह है कि कुआं खोदने के लिए उन्होंने सिर्फ छेनी-हथौड़े का इस्तेमाल किया। हालांकि इसके लिए उन्हें तीन साल का वक्त लगा। घटना लांबाहल्दू गांव की है। इस गांव में अब तक कोई कुआं नहीं था। लोग सिर्फ बारिश के पानी से अपना काम चलाते थे। महिलाओं को कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता था। गांव के ही एक परिवार की चार बहुओं ने छेनी-फावड़े से कुआं खोद पानी निकाल लिया। बहुओं का कहना है कि उनके परिवार की 20 बीघा जमीन है लेकिन पानी न होने की वजह से खेत बंजर पड़े हैं। खेत हैं फिर भी गुजरात जाकर मजदूरी करनी पड़ती है। किसी तरह रबी की फसल हो पाती है। उसमें भी 4 माह में 10 हजार रुपये से ज्यादा आमदनी नहीं होती। प्रशासन से कई सालों से कुएं की मांग की जा रही थी। एक बार अधिकारी कुएं के लिए जगह देखने आ...

सीने से बाहर धड़क रहा है नवजात का दिल...

पाकिस्तान में एक ऐसे बच्चे का जन्म हुआ है , जिसका दिल उसके शरीर   से बाहर है यह बात अपने आप में एक असामान्य है।   बच्चे के परिवारवालों और अधिकारियों ने बताया कि बच्चे का दिल सीने से बाहर है। बच्चे   का जन्म मंगलवार   को मुल्तान शहर में हुआ है। बच्चे को लाहौर चिल्ड्रेन कंप्लेक्स में भर्ति किया गया क्योंकि मुल्तान में बच्चे के इलाज के लिए काफी सुविधाएं नहीं हैं। खबरों के अनुसार डाक्टरों ने बताया कि बच्चे का दिल सामान्य रूप से काम कर रहा है लेकिन उसे शरीर में सही जगह पर स्थित करने के लिए ऑपरेशन की जरूरत है। बच्चे का ऑपरेशन करने के बाद सबकुछ ठीक रहा तो बच्चा स्वस्थ्य हो जाएगा। डाक्टरों का कहना है कि जब दिल आंशिक या पूर्ण रूप से सीने से बाहर होता है तो इस स्थिति को मेडिकल साइंस में एक्टोपिया कॉर्डिस कहा जाता है। ऐसा प्रति 10 लाख जीवित शिशुओं में से 5.5 से 7.9 में ऐसा मामला सामने आता है।