आम आदमी पार्टी में कपिल मिश्रा के बगावती रंग अख्तियार करने के बाद जो अंदेशा लगाया जा रहा था आखिरकार वहीं हुआ। कैबिनेट से बाहर निकालने के बाद कपिल मिश्रा को पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है। पार्टी की पीएसी बैठक में सोमवार को यह फैसला लिया गया। आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाने के बाद यह तय माना जा रहा था कि कपिल पर बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि कपिल मिश्रा को पीएसी ने सर्वसम्मति सस्पेंड करने का फैसला लिया है। इसका मतलब यह है कि कपिल मिश्रा पार्टी के विधायक बनें रहेंगे और विप का नियम उनपर लागू होगा। इस बारे में राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यदि कपिल को पार्टी से बाहर करती तो पार्टी के एक विधायक की संख्या कम हो जाती है। इसके अलावे कपिल दूसरी पार्टी में जाने के लिए स्वतंत्र होते। गौरतलब हो कि कपिल मिश्रा को बीते शनिवार को अचानक मंत्री पद से हटा दिया गया। इस बारे में सरकार ने कहा था कि कपिल मिश्रा अपना विभाग ठीक से नहीं संभाल पा रहे इसलिए उन्हें हटाया गया।