पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं. जिसमें बीजेपी को बड़ा झटका लगा है, वहीं कांग्रेस ने जोरदार वापसी की है. हालांकि इस विधानसभा चुनाव के कई निष्कर्ष हो सकते हैं. लेकिन इस निष्कर्ष को सही माना जा सकता है. विधानसभा चुनावों के नतीजों से यही निष्कर्ष निकलता है- 1. भारतीय जनता पार्टी के कांग्रेस-मुक्त भारत अभियान की हवा निकल गई है. जनता ने इसे अमित शाह का अहंकार समझा. 2. वोटर विकल्पहीन होना नहीं चाहता. एरोगेंसी की तुलना में अयोग्यता भारतीय राजनीति में स्वीकार्य रही है और रहेगी. 3. हिंसक हिंदुत्व , राम मंदिर और विकास की राजनीति साथ नहीं चल सकती 4. भाजपा ने खुद ही गोलपोस्ट 2024 से 2019 में शिफ्ट कर दिया है. 5. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की धुरि में विपक्षी गोलबंदी को धन प्रवाह कल से शुरू होने वाला है. यानी प्रचार को अलग ट्रैजेक्ट्री पर ले जाकर प्रभावित करने की शाह कला काम नहीं करेगी. 6. नरेंद्र मोदी के लिए रेवड़ियां बांटने के अलावा विकल्प नहीं है. अर्थात अगले छह महीनों में कई ऐसे फैसले होंगे जिन्हें अर्थ नीति की कसौटी पर कसना बेकार होगा. 7. मायावती की ...