बिहार में अगर शादी करना है तो आपको इसके लिए पहले एक शपथ पत्र देना होगा। विवाह में 7 वजन दिए जाते हैं वहीं अब शपथ पत्र के द्वारा आठवां वचन देना होगा। जिसके तहत शपथ पत्र में लिखना होगा कि यह विवाह बाल विवाह नहीं है और इसमें दहेज का कोई लेन-देन नहीं है।
बिहार में बाल-विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ अभियान के तहत जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है। इन प्रथाओं के खिलाफ कानून तो पहले ही बने हैं लेकिन अब सरकार इस कानून को कारगर बनाने के लिए पहल कर रहा है। बिहार में आज भी 40 फीसदी बाल विवाह के मामले होते हैं और दहेज हत्या में बिहार दूसरे स्थान पर है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के सभी स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में 2 अक्टूबर को दहेज न लेने के लिए शपथ दिलवाई इसके अलावा यह संदेश दिया कि जिस शादी में दहेज का लेन-देन होगा वह उस शादी का बहिष्कार करेंगे। यह शपथ पत्र उसी का हिस्सा माना जा रहा है। यह शपथ पत्र मैरिज हॉल सामुदायिक भवन, होटल या ऐसे किसी भी सार्वजनिक जगहों पर हो रही शादी करते समय संबंधित संस्थान के संचालक के पास जमा करानी होगी।

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