देश में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के परिणाम से बीजेपी को सबसे बड़ा झटका लगा है. जहां इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सबसे बड़ा झटका लगा है. वहीं, कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में जबरदस्त वापसी की है. कांग्रेस जहां लगातार चुनाव हार रही थी वहीं, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जोरदार वापसी की है. बीजेपी अब इस हार की समीक्षा में जुट गई है.
बीजेपी लगातार जीत का दावा कर रही थी. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इस बार भी सरकार बनाने के लिए तैयार थी. लेकिन चुनाव परिणामों ने बीजेपी की सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया है.
राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो बीजेपी ने यहां आठ बड़ी गलतियां की है, जिस वजह से उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
1. ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी की सबसे बड़ी हार किसान का मुद्दा बना है. बीते वर्षों में किसानों का मुद्दा कांग्रेस ने जमकर उछाला है. और इस दौरान मध्य प्रदेश और राजस्थान में सरकार की काफी किरकिरी हुई है. लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने इस हिसाब से डैमेज कंट्रोल करने का काम काफी कम गति से किया है.
2. मध्य प्रदेश और राजस्थान में किसानों के लिए ऐसा कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया, जिससे की किसानों को लगे की उनके हक में सरकार कोई बड़ा कदम उठा रही है. हालांकि मध्य प्रदेश ने पैदावार बढ़ाने में कामयाब हुई. लेकिन किसानों को बाजार देने में फेल रही, जिससे की किसानों को पैदावार का मूल्य मिल सके.
3. राजस्थान और मध्य प्रदेश में किसानों ने सबसे ज्यादा आत्महत्या की है. इस एवज में सरकार का कदम काफी निराशाजनक रहा है. किसानों के बीच सबसे अधिक नाराजगी इस बात की थी. जिसे कांग्रेस ने अच्छी तरीके से भुनाया और सफल भी रही.
4. हिदुत्व के मुद्दे को ज्यादा तवज्जो देना बीजेपी की हार का बड़ा कारण माना जा रहा है. एक ओर जहां सरकार लगातार विकास की बात कर रही थी, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले और अन्य मौंको पर हिदुत्व का मुद्दा काफी उछाला गया. जिसमें बीजेपी ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. लेकिन अन्य मुद्दों पर गौण दिखी. इससे अन्य धर्म के लोगों में काफी नाराजगी बढ़ते देखी गई.
5. राम मंदिर का मुद्दा जनता के लिए गले की मछली जैसा हो गया था. बीजेपी राम मंदिर के मुद्दे को भुनाना चाहती थी लेकिन इतने सालों में और बीते 5 सालों में मंदिर का काम आगे नहीं बढ़ सका. जिसके बावजूद बीजपी इस मुद्दे को काफी बढ़ चढ़ कर उठा रही थी. चुकि राम मंदिर का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में रखा हुआ है जिसे जनता भी जानती है कि इस पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट ही लेगी. लेकिन राजनीतिक जानकारों की मानें तो बीजेपी इस मुद्दे को तुल दे रही थी.
6. छत्तीसगढ़ की बात करें तो रमन सरकार नक्सली मुद्दों पर जनता के सामने खड़ी नहीं उतरी है. वहीं, नक्सली क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों के कायाकल्प की बात जो सरकार कर रही थी उसे सरकार पिछेल 10 सालों में पूरा करने में सफल नहीं रही.
7. बीजेपी नेताओं के बेतुका बयान से भी जनता काफी निराश थी. वहीं, तीनों राज्यों में सरकार की योजनाएं जिसका बखान किया जा रहा था कुछ क्षेत्रों में पहुंच भी नहीं पाई थी. यह बीजेपी सरकार की खामियों में लगातार गिनाया जा रहा था.
8. बीजेपी की सबसे बड़ी हार युवाओं के अंदर रोजगार को लेकर नाराजगी भी बताई जा रही है. कांग्रेस लगातार रोजगार के मुद्दे को उछाल रही थी. लेकिन बीजेपी रोजगार के मुद्दे पर अपने आकड़ो को परोक्ष रूप से दिखा रही थी. हालांकि जमीनी हकीकत लोगों के सामने थी.

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