केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलने का फैसला किया है। इस फैसले का विरोध संसद से लेकर सड़क तक किया गया था। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्टेशन का नाम बदलकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय करने का प्रस्ताव दिया था इस बात पर केंद्र ने सहमति जताई।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय 1968 में रहस्यमय हालात में मुगलसराय स्टेशन पर मृत पाए गए थे। मुगलसराय स्टेशन का निर्माण 1862 में उस समय हुआ था, जब ईस्ट इंडिया कंपनी हावड़ा और दिल्ली को रेल मार्ग से जोड़ रही थी।
इस मामले पर संसद में हंगामा होने पर संसदीय मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि उपाध्याय के नाम के बजाय मुगल के नाम में एक रेलवे स्टेशन को पंसद करना सही सोच नहीं है। उन्होंने कहा था, “क्या सभी चीजों के नाम सिर्फ नेहरू-गांधी के नाम पर रहेंगे? बहुत सारे लोगों ने देश के लिए बलिदान किया है।”

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