भारत के चंडीगढ़ की रहने वाली मन कौर की उम्र
101 साल है। वह एक एथलेटिक्स धाविका है जिसने सोमवार को विश्व मास्टर्स खेलों की
प्रतियोगिता में 100 मीटर की दौड़ में गोल्ड मेडल जीता है। यह उनके एथलेटिक्स
करियर का 17वां गोल्ड मेडल है। मन कौर ने 100 मीटर की दौर को 1 मिनट 14 सेकेंड में
पूरी की। मन कौर के साहस को देखकर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने उनका भरपूर
समर्थन किया।
हालांकि इस रेस में कौर का जीतना पक्का था
क्योंकि वह इस दौर में अकेली प्रतिभागी थी। क्योंकि 100 वर्ष से अधिक उम्र के
ग्रुप में कौर की अकेली भागीदार थी। ऑकलैंड में हुए इस प्रतियोगिता में कुल 25
हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।
वहां की मीडिया ने कौर को ‘चंडीगढ़
का चमत्कार’ बताया और कहा कहा उनके लिए दौड़ का समय नहीं
बल्कि उनके इस दौर में भाग लेना सबसे महत्वपूर्ण बात थी। कौन ने कहा कि वह इस जीत
से काफी खुश है और उन्होंने इस प्रतियोगिता में भाग लेकर इसका खूब लुफ्त उठाया है।
उन्होंने कहा कि मैं दौड़ना कभी नहीं छोड़ूंगी, आगे भी मैं इसी
तरह से प्रतियोगिता में भाग लूंगी। मन कौर के बारे में एक और खास बात है कि वह महज
8 साल पहले 93 साल की उम्र में एथलेटिक्स को ज्वॉयन किया था। इससे पहले उन्हें
एथलेटिक्स खेलों का कोई अनुभव नहीं था। वह अपने बेटे गुरदेव सिंह के बढ़ावे के
कारण यहां तक पहुंची है। उन्होंने ही अपनी मां कौर को इंटरनेशनल मास्टर्स खेलों
में शामिल होने का सुझाव दिया था।

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